दोस्तों आजकल इंटरनेट का जमाना है. पूरी दुनिया में प्रतिदिन करोड़ों लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करके बहुत सारे काम करते हैं जैसे किसी वस्तु के बारे में ज्यादा ज्ञान प्राप्त करना, ऑनलाइन शॉपिंग करना, राशन का समान, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े खरीदना, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करना, इत्यादि. इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के कारण ही हर कंपनी अपना वेबसाइट, सोशल मीडिया पेज, ब्लॉग, इत्यादि बनवाना चाहती हैं. इन सभी कामों के लिए फ्रेश कंटेंट की जरूरत होती है. कंटेंट लिखने का काम कंटेंट राइटर लोग करते हैं. जैसे-जैसे ऑनलाइन मार्केटिंग का काम बढ़ रहा है,वैसे-वैसे अनुभवी कंटेंट राइटर की डिमांड बढ़ती जा रही है. बहुत सारे युवा पढ़ाई पूरी करने के बाद कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. क्या कंटेंट राइटिंग आपके लिए एक अच्छा कैरियर ऑप्शन है? आइए इसके बारे में विस्तार से बात करते हैं.
2011 से पहले इंटरनेट मार्केटिंग की दुनिया काफी सही थी. डिजिटल मार्केटिंग करने वाले लोग एक कंटेंट का उपयोग एक से अधिक साइटों पर करते थे और इससे उन साइटों की रैंकिंग भी अच्छी आती थी. इंटरनेट मार्केटिंग में बढ़ रहे गोरखधंधे को रोकने के लिए अमेरिकी सर्च इंजन गूगल ने एक के बाद एक अपडेट्स लाने शुरू कर दिया. गूगल अपडेट्स की वजह से चोरी का कंटेंट यूज करने वाले वेबसाइट की रैंकिंग डाउन हो गई और बहुत सारी कंपनियां बंद होने लगी. आजकल अगर आप अपनी साइट को गूगल में अच्छी रैंकिंग पर देखना चाहते हैं तो आपको बिल्कुल यूनिक कंटेंट यूज करने की जरूरत है. डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में कंटेंट के बढ़ते हुए मांग को पूरा करने के लिए ही हर कंपनी कंटेंट राइटर को हायर करती है. एक अच्छा कंटेंट राइटर कंपनी में हाई क्वालिटी कंटेंट सप्लाई करके अच्छे पैसे कमा सकते हैं. लेकिन क्या हाई क्वालिटी कंटेंट लिखना इतना आसान बात है?
नहीं विभिन्न गूगल अपडेट्स के कारण अब कंटेंट राइटिंग करना आसान नहीं रह गया है. कंटेंट लिखते समय एकदम राइडर को बहुत सारे नियमों का ध्यान रखना पड़ता है. कंटेंट का लैंग्वेज सिंपल होना चाहिए. कंटेंट सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के सभी रूल को फॉलो करना चाहिए. आपके द्वारा लिखे गए कंटेंट में कोई भी ग्रामेटिकल मिस्टेक नहीं होना चाहिए. आजकल डिजिटल मार्केटिंग एक्सपोर्ट कंटेंट में डाटा, हाइपरलिंक, इमेज, इत्यादि की डिमांड करते हैं. कंटेंट राइटर से यह अपेक्षा की जाती है कि वह कंटेंट लिखने के बाद उसे चेक करके ही डिजिटल मार्केटिंग एक्सपोर्ट को हैंड ओवर करेंगे. इसलिए एक अच्छी क्वालिटी का कंटेंट लिखने में काफी टाइम और ऊर्जा लगता है.
कंटेंट राइटिंग के फायदे
- अच्छी आमदनी का स्रोत
एक अच्छा कंटेंट राइटर बनने के लिए उच्च शिक्षा की कोई जरूरत नहीं होती है. अगर आप किसी भाषा को अच्छी तरीके से बोल, पढ़ और लिख सकते हैं तो उस भाषा में आप कंटेंट आसानी से लिख सकते हैं. भारत के महानगरों में रहने वाले बहुत सारे स्टूडेंट अपनी पढ़ाई का खर्चा निकालने के लिए पार्ट टाइम फ्रीलांस कंटेंट लिखने का काम करते हैं. आजकल बहुत सारी कंपनियां फ्रीलांस कंटेंट राइटर को हायर करती है ताकि उन्हें कम दामों पर अच्छे कंटेंट मिल जाए. नए कंटेंट राइटर भी कम से कम 50 पैसे प्रति वर्ड्स की रेट से कंटेंट लिखने का काम करते हैं. अगर आपको अच्छे प्रोजेक्ट मिल जाए तो आप घर बैठे ही खर्चे लायक पैसा आसानी से कमा सकते हैं. अनुभवी कंटेंट राइटर अच्छा कंटेंट लिखने के लिए कम से कम एक या दो रुपए प्रति वर्ड का रेट चार्ज करते हैं.
- नई सब्जेक्ट के बारे में सीखने का भरपूर मौका
आजकल कंपनियां ऐसे कंटेंट राइटर की तलाश में रहती है जिन्हें किसी भी विषय पर अच्छा कंटेंट लिखने में महारत हासिल हो. हम सभी जानते हैं कि एक इंसान बहुत सारी चीजों पर कमांड नहीं कर सकता. इसलिए जब किसी कंटेंट राइटर को ऐसे विषय के बारे में कंटेंट लिखने को बोला जाता है जिसके बारे में उसे बिल्कुल ही नॉलेज नहीं है तो उसे काफी पढ़ना पड़ता है. आजकल कोई भी कंपनी कॉपी पेस्ट जॉब नहीं चाहती है.
वे चाहते हैं कि कंटेंट राइटर कोई भी कंटेंट लिखने के पहले उस सब्जेक्ट के बारे में रिसर्च और एनालिसिस करें और फिर उसे अपनी भाषा में लिखें. इस प्रक्रिया में एक कंटेंट राइटर को बहुत सारी साइटों पर किसी खास विषय के बारे में कंटेंट पढ़ना पड़ता है. अगर आप पढ़ने के शौकीन हैं तो कैंटीन राइटिंग का फील्ड आपके लिए काफी उत्तम है. इस फील्ड में प्रतिदिन आप नए सब्जेक्ट के बारे में पढ़ते हैं और उसके बारे में कंटेंट लिखकर डिजिटल मार्केटिंग एक्सपोर्ट को देते हैं. इसे अपने ज्ञान में काफी बढ़ोतरी होती है.
- नौकरी की सुरक्षा
वैसे तो प्राइवेट क्षेत्र में किसी भी नौकरी के सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती हैं. आपकी नौकरी तभी तक सुरक्षित है जब तक आपका बॉस या सीनियर आपके परफॉर्मेंस से खुश है. अगर आप एक अनुभवी कंटेंट राइटर हैं तो कुछ हद तक कंपनी में आपकी जॉब सुरक्षित रहती है. इसका कारण यह है कि लगभग हर डिजिटल मार्केटिंग गतिविधियों के लिए फ्रेश कंटेंट की जरूरत होती है.
इसके उलट आप एक डिजिटल मार्केटिंग एक्सपोर्ट का प्रोफाइल देख ले. किसी भी डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट की जॉब तभी तक सुरक्षित रहता है जब तक वह कंपनी की साइट को गूगल पर प्रमोट करने में सफल रहता है और वहां से ट्रैफिक तथा बिजनेस अपॉर्चुनिटी को लाते रहता है. एक गूगल अपडेट जिसमें कंपनी का काफी नुकसान हुआ हो, कई डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञों की जॉब खा सकता है.
इसलिए डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञों के ऊपर हर वक्त वेबसाइट की रैंकिंग बढ़ाने और बिजनेस लाने का दबाव होता है. अपनी टीम लीडर या सीनियर द्वारा हर वक्त प्रेशर डालने पर डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ बौखला जाते हैं और जॉब छोड़ देते हैं. कंटेंट राइटिंग में ऐसा कोई प्रेशर नहीं होता. बस आपको ज्यादा से ज्यादा कंटेंट लिखने के लिए बोला जाता है. एक अनुभवी कंटेंट राइटर एक दिन में कम से कम 3000 वर्ड आसानी से लिख सकता है.
कंटेंट राइटिंग से नुकसान
- बहुत सारे लोगों को राइटिंग बोरिंग जॉब लगता है
मैंने अपने कंटेंट राइटिंग कैरियर की शुरुआत 2011 में दिल्ली में की. शुरू शुरू में मैं इस काम से बिल्कुल अनजान था और यह काम काफी उबाऊ लगता था. मेरे साथ काम करने वाले गए कंटेंट राइटर इस फील्ड को छोड़कर दूसरे फील्ड मैं पहुंच चुके हैं. उनका कहना है कि कंटेंट राइटिंग एक बोरिंग जॉब है. कई बार आपको एक ही सब्जेक्ट पर एक से ज्यादा कंटेंट लिखने होते हैं. उस स्थिति में आपको कंटेंट राइटिंग की जॉब बोरिंग लग सकता है.
- हर वक्त कंप्यूटर और लैपटॉप से चिपके रहना
जैसा कि आपको पहले ही बताया जा चुका है कि हर डिजिटल मार्केटिंग एक्टिविटीज में यूनिक कंटेंट का उपयोग होता है. इसलिए हर कंटेंट राइटर चाहे वह नौसिखिया हो या अनुभवी उनके ऊपर ज्यादा से ज्यादा कंटेंट लिखने का दबाव होता है. फ्रेश कंटेंट की बढ़ती हुई मांग को पूरा करने के लिए कई बार कंटेंट राइटर को ओवरटाइम करना पड़ता है. लगातार ओवरटाइम करने से उनके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है और लॉन्ग टर्म में उनका परफॉर्मेंस कम होने लगता है.
लेकिन कंपनियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्हें केवल ऐसे कंटेंट राइटर की जरूरत होती है जो हर दिन गधे की तरह 12 घंटा काम करते रहे. मैं अपने निजी अनुभवों से यह कह सकता हूं कि कंपनियां कंटेंट राइटर को छुट्टी देने में आनाकानी करती है जैसे वह कोई रोबोट हो और उनकी कोई पर्सनल लाइफ ना हो. आजकल कंपनियों में कंटेंट राइटर को तभी छुट्टी मिलती है जब वह घर से कंपनी का काम करने के लिए तैयार हो. इसके लिए उन्हें ज्यादा पैसों का लालच दिया जाता है.
- कंटेंट राइटिंग शुरू करते ही आपके ऊपर पैसों की बारिश नहीं होने लगेगी
एक अच्छे कंटेंट राइटर की मार्केट में हमेशा मांग होती है. लेकिन अगर आप यह सोचते हैं कि कंटेंट राइटिंग शुरू करते ही आपके ऊपर पैसों की बारिश होने लगी तो आपकी सोच गलत है. भारत में बहुत सारे क्लाइंट ऐसे हैं जो अच्छे कंटेंट के लिए अपनी जेब ढीली नहीं करना चाहते हैं. वे चाहते हैं कि उन्हें हाई क्वालिटी कंटेंट बिना किसी मेहनत के और पैसे खर्च किए ही मिल जाए. इसके लिए वे कंटेंट राइटर के साथ समय-समय पर धोखेबाजी करते रहते हैं.
मैं बहुत सारे ऐसे क्लाइंट के साथ काम कर चुका हूं जो कंटेंट तो ले लेते हैं लेकिन जब पैसे देने की बारी आती है तो आनाकानी करते हैं और धमकी का सहारा लेते हैं. मेरे साथ करीब 10 सालों से काम कर रहे एक क्लाइंट ने एक बार अपने लिखे कंटेंट के पैसे मांगने पर मुझे धमकाया और गालीगलौज की. इसलिए बहुत जरूरी है कि आप केवल ट्रस्टेड क्लाइंट के लिए ही काम करें. किसी भी क्लाइंट को कंटेंट सप्लाई करने के पहले यह जरूर सुनिश्चित करें कि वह क्लाइंट कंटेंट लेने के बाद पैसे का फुल पेमेंट कर देता है. मेरा निजी अनुभव यह कहता है कि इंडियन क्लाइंट पैसे देने में काफी आनाकानी करते हैं.
- डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ के साथ कंटेंट क्वालिटी के मुद्दे पर बार-बार बहस होना
आजकल ऑनलाइन मार्केटिंग में कंटेंट क्वालिटी एक प्रमुख मुद्दा है. गुड क्वालिटी कंटेंट यूज करने से किसी वेबसाइट की रैंकिंग बढ़ती है और बिजनेस अपॉर्चुनिटी ज्यादा मिलती हैं. इसके उलट अगर कंटेंट खराब क्वालिटी का है तो वह वेबसाइट की रैंकिंग गूगल सर्च में नीचे गिरती है और उस कंपनी को काफी नुकसान होता है. कंटेंट क्वालिटी के मुद्दे पर डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ और कंटेंट राइटर का ओपिनियन अलग अलग हो सकता है.
कई बार डिफरेंस ऑफ़ ओपिनियन की वजह से कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ में टकराव की नौबत आती है और ऑफिस का वर्क कल्चर खराब होता है. मैं कई मामलों में यह देख चुका हूं कि अगर डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ किसी कंटेंट राइटर के काम से खुश नहीं है तो उसके ऊपर वह गलत इल्जाम लगाकर उसे नौकरी से निकलवा देता है. इसलिए किसी भी कंटेंट राइटर को संयमी होना चाहिए. अगर उसका कंटेंट किसी भी वजह से रिजेक्ट होता है तो उसे रिजेक्ट किए के कंटेंट को एडिट करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए. ऐसे कंटेंट एडिटिंग एक बहुत अच्छा गुण है जो सभी कंटेंट राइटर में होना चाहिए.
- स्वास्थ्य का नुकसान
इन दिनों लगभग सभी कंटेंट राइटर पर अधिक से अधिक कंटेंट लिखने का दबाव होता है. इसलिए वह लगातार ओवरटाइम लगाते हैं और कंपनी के लिए घर से भी काम करते हैं. लगातार कंप्यूटर पर चिपके रहने से आपकी आंखों को नुकसान होता है और कमर दर्द भी शुरू हो जाता है. इसके लिए जरूरी है कि आप समय-समय पर कंटेंट राइटिंग वाले काम से छुट्टी लेकर अपने मनपसंद काम करें जैसे किसी प्रसिद्ध जगह घूमने जाना, मूवी देखना, दोस्तों के साथ घूमना, क्रिकेट खेलना, लोकप्रिय म्यूजिक सुनना, रिश्तेदारों से बात करना, इत्यादि. इससे आपका मूड फ्रेश बना रहता है और आप अपने काम को अच्छे तरीके से कर पाते हैं.
- अंतिम निष्कर्ष
कंटेंट राइटिंग एक चुनौतीपूर्ण काम है. इस फील्ड में कैरियर बनाने के लिए आपके पास पढ़ने की क्षमता, संयम और किसी भी भाषा पर अच्छा कमांड होना चाहिए. एक बार इस फील्ड का अनुभव प्राप्त करने के बाद आप हाई क्वालिटी कंटेंट बेचकर अच्छे खासे पैसे कमा सकते हैं. इस प्रक्रिया में कम से कम दो-तीन साल लग जाते हैं.
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Bahut achchi jankari
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