सोमवार, 25 मई 2020

क्या डिजिटल मार्केटिंग युवाओं के लिए अच्छा कैरियर ऑप्शन है?

भारत में करीब 1.3 बिलियन लोग रहते हैं जिसमें बहुत बड़ी आबादी युवा लोगों (26.9 करोड़) की है. अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद बहुत सारे विद्यार्थी सरकारी नौकरी की तैयारी में लग जाते हैं, कुछ आर्थिक रूप से संपन्न लोग उच्च शिक्षा के लिए विदेशों की ओर रुख करते हैं और अन्य लोग जॉब मार्केट में एंट्री कर लेते हैं. अपनी योग्यता के अनुसार लोग जॉब प्राप्त भी कर लेते हैं. 

भारत में जिओ टेलीकॉम के आने के बाद इंटरनेट काफी सस्ता हुआ है. सस्ते इंटरनेट की वजह से देश में इंटरनेट का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है. इंटरनेट उपभोक्ताओं की बढ़ी हुई मांगों को पूरा करने के लिए अधिक संख्या में वेबसाइट बनाई जा रही हैं जिसे चलाने के लिए डिजिटल मार्केटिंग  एक्सपर्ट की जरूरत होती है. आज के इस आर्टिकल में हम डिजिटल मार्केटिंग के बारे में अध्ययन करेंगे और यह जानने की कोशिश करेंगे कि क्या डिजिटल मार्केटिंग युवाओं के लिए आकर्षक कैरियर ऑप्शन है या नहीं? 

  • डिजिटल मार्केटिंग का संक्षिप्त परिचय

डिजिटल मार्केटिंग एक जाना पहचाना नाम है जिसे ऑनलाइन मार्केटिंग या इंटरनेट मार्केटिंग के नाम से भी जाना जाता है. अगर आसान शब्दों में कहें तो डिजिटल मार्केटिंग एक ऐसी तकनीक है जिसके द्वारा किसी भी प्रोडक्ट, सर्विस और ब्रांड को इंटरनेट पर प्रमोट किया जाता है. डिजिटल मार्केटिंग को सही तरीके से इंप्लीमेंट करने के बाद किसी भी बिजनेसमैन के लिए उपभोक्ताओं तक पहुंचना और अपने प्रोडक्ट को सेल करना आसान हो जाता है. इस प्रक्रिया में काफी पैसा खर्च होते हैं और अच्छे रिजल्ट की चाहत के लिए आपको संयम रखने की जरूरत होती है. अगर आप डिजिटल मार्केटिंग जानते हैं तो किसी भी एजेंसी में काम करके अच्छी खासी सैलरी कमा सकते हैं. कुछ इंटरनेट मार्केटिंग एक्सपोर्ट नौकरी करने के बाद अपनी कंपनी खोल लेते हैं और घर बैठे ही अच्छी आमदनी प्राप्त करते हैं. 

  • इंटरनेट मार्केटिंग एक्सपर्ट बनने के लिए कौन सी योग्यता की जरूरत होती है?


अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद आप इस क्षेत्र में इंट्री मार सकते हैं. एक सफल डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट  बनने के लिए आपके पास निम्नलिखित योग्यता होनी चाहिए
  •  स्ट्रांग एनालिटिकल स्किल
हम सभी जानते हैं कि डिजिटल मार्केटिंग के रूल समय-समय पर बदलते रहते हैं. विभिन्न उपभोक्ता इंटरनेट पर अपनी मनपसंद वस्तुओं को खोजने और खरीदने के लिए विभिन्न प्रकार के कीवर्ड्स का उपयोग करते हैं और उनका सर्च इंटेंट हमेशा बदलते रहते हैं. डिजिटल मार्केटिंग एक्सपोर्ट को यह जानना बेहद जरूरी है कि कोई भी उपभोक्ता किसी खास ब्रांड से क्या एक्सपेक्ट करता है और वह उसे कैसे पूरा कर सकता है. इसलिए अगर आप सफल डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट बनना चाहते हैं तो आपके पास स्ट्रांग एनालिटिकल स्किल होना चाहिए. आपको यह पता होना चाहिए कि यूजर किसी खास प्रोडक्ट या सर्विस को सर्च करने के लिए कौन से कीवर्ड (सर्च टर्म) का इस्तेमाल करता है. 
  •  इंग्लिश भाषा पर अच्छी पकड़
आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि इंटरनेट पर अधिकांश वेबसाइट इंग्लिश भाषा में बनी हुई है. इसने एक सफल डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट के लिए इंग्लिश भाषा की कम से कम आधारभूत जानकारी होना बेहद जरूरी हैं. आजकल अन्य भाषा की वेबसाइट भी बहुत बड़ी मात्रा में बनाई जा रही है. इसलिए अब जिस भी भाषा की वेबसाइट को ऑप्टिमाइज करना चाहते हो उस भाषा पर आप की पकड़ अच्छी होनी चाहिए. 

इसका कारण यह है कि गूगल किसी भी वेबसाइट को अपने सर्च रिजल्ट में दिखाने से पहले उसकी अच्छे तरीके से जांच पड़ताल करता है. यह अपने सर्च रिजल्ट में वैसे ही वेबसाइट को दिखाता है जो इसके सारे पैरामीटर को फॉलो करते हैं. आजकल इंटरनेट मार्केटिंग में कॉपी पेस्ट जॉब नहीं चलता है. एक अच्छा डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ बनने के लिए आपको क्रिएटिव होना पड़ेगा. 
  •  इंडस्ट्री ट्रेंड्स पर पैनी नजर
डिजिटल मार्केटिंग में बहुत सारी चीजें तेजी से बदलती है. सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन का कोई रूल और रेगुलेशन जो आज के लिए वैलिड है वह अगले दिन इनवैलिड हो जाता हैं. इसकी वजह है गूगल द्वारा अपने एल्गोरिदम को बार-बार अपडेट करना. लेकिन सवाल यह है कि गूगल अपने एल्गोरिदम को हमेशा अपडेट क्यों करते रहते हैं? तो इसका कारण यह है कि डिजिटल मार्केटिंग में बहुत सारे लोग गलत तकनीक का उपयोग करके अपनी वेबसाइट की रैंकिंग को सर्च रिजल्ट में प्रमोट करके लाभ उठा लेते हैं और अच्छे लोग बिजनेस से बाहर हो जाते हैं. 

ऑनलाइन मार्केटिंग के क्षेत्र में चल रहे गोरखधंधे को रोकने के लिए गूगल समय समय पर अपना एल्गोरिदम अपडेट करके गलत काम कर रहे लोगों पर लगाम लगाता है. इसलिए आपको समय-समय पर डिजिटल मार्केटिंग ट्रेंड्स के बारे में खुद को अपडेट रखना बहुत जरूरी है. आप दुनिया की प्रसिद्ध डिजिटल मार्केटिंग ब्लॉग और वेबसाइट को पढ़ा करें. इसमें सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के बारे में लेटेस्ट इंफॉर्मेशन आसानी से मिल जाती है. कुछ वेबसाइट के नाम नीचे दिए गए हैं

Search Engine Watch
Search Engine Journal,
Search Engine land 

  •  विभिन्न सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन टर्म्स एंड टूल्स की जानकारी


हम सभी जानते हैं कि सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन एक बहुत बड़ा क्षेत्र है जिसमें सोशल मीडिया ऑप्टिमाइजेशन, ईमेल मार्केटिंग, व्हाट्सएप मार्केटिंग, सर्च इंजन मार्केटिंग, आर्टिकल सबमिशन, ब्लॉगिंग और गेस्ट ब्लॉगिंग, वेबसाइट बुक मार्किंग, जैसे कई चीजें समाहित है. इसलिए डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट को इन सभी बेसिक टर्म्स की जानकारी होनी चाहिए. फिर सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ तक प्रैक्टिकल नॉलेज भी होना चाहिए. डिजिटल मार्केटिंग मार्केटिंग के विभिन्न टर्म्स के बारे में अपनी जानकारी बढ़ाते रहें. 

  •  डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट बनने के फायदे

डिजिटल मार्केटिंग पढ़े लिखे युवाओं के लिए रोजगार का एक उत्तम साधन है. आजकल बहुत सारे इंस्टिट्यूट डिजिटल मार्केटिंग की कोर्स कराते हैं. आप उन कोर्स को पूरा करके ऑनलाइन मार्केटिंग के क्षेत्र में प्रवेश कर सकते हैं और थोड़े ही समय में अपनी मेहनत और लगन से सफलता के झंडे गाड़ सकते हैं. अगर आप विभिन्न कारणों से ऑनलाइन मार्केटिंग का कोर्स नहीं कर सकते तो किसी कंपनी में फ्रेशर डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट का जॉब प्राप्त कर लें और किसी अनुभवी व्यक्ति से वेबसाइट ऑप्टिमाइजेशन की नई-नई तकनीक सीखते रहें. अनुभव होने के बाद आपकी सैलरी काफी अच्छी खासी हो सकती है और आप खुद भी अपनी कंपनी खोलकर काफी पैसे कमा सकते हैं. इस प्रक्रिया में 2 से 5 साल का समय लग सकता है.

  •  डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट बनने के नुकसान
ऑनलाइन मार्केटिंग के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों की सैलरी का निर्धारण उनकी योग्यता के अनुसार होता है. वैसे लोग जो किसी भी वेबसाइट या उसके पेज को जल्द से जल्द गूगल या किसी अन्य सर्च इंजन के रिजल्ट में प्रमोट करने में कामयाब होते हैं उनको अच्छा सर्च इंजन ऑप्टिमाइजर माना जाता है. हम सभी जानते हैं कि गूगल समय-समय पर अपने एल्गोरिदम को अपडेट करते रहते हैं ताकि ऑनलाइन मार्केटिंग के क्षेत्र में गोरखधंधा कर रहे लोगों का सफाया हो सके और केवल अच्छे लोगों को ही उनकी मेहनत के अनुसार कमाई करने का मौका मिल सके. 

यही कारण है कि गूगल अपडेट के बाद वेबसाइट की रैंकिंग ऊपर नीचे होती रहती है. अगर कोई वेबसाइट गूगल के टॉप 10 पेज पर रैंक कर रहा है तो गूगल अपडेट आने के बाद उसकी रैंकिंग नीचे जा सकती है. इस केस में डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट के ऊपर हर वक्त वेबसाइट की रैंकिंग को ऊपर लाने का दबाव होता है ताकि कंपनियों को अपना माल बेचने और पैसे कमाने का मौका मिलते रहे. ऑनलाइन मार्केटिंग के क्षेत्र में काम कर रहे कई लोग गूगल कि इस जटिल  प्रणाली को समझ नहीं पाते और गूगल अपडेट के बाद उनके लिए वेबसाइट को प्रमोट करना काफी मुश्किल काम होता है. ऐसे लोगों से ही कंपनी का बॉस और टीम लीडर हमेशा चिकचिक करते हैं और मामला ज्यादा खराब होने के बाद उन्हें जॉब से भी निकाल दिया जाता है.

अंतिम निष्कर्ष

आज के इस आधुनिक जमाने में इंटरनेट और मोबाइल टेक्नोलॉजी का प्रयोग बढ़ गया है. इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोग अपने विभिन्न कामों को पूरा करने के लिए धड़ल्ले से इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं. आने वाले समय में इंटरनेट का उपयोग और भी बढ़ने वाला है. इसलिए अगर आप डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में प्रवेश करते हैं तो आपको रोजगार और नियमित आमदनी की पूरी गारंटी है बजट दे आपके पास इस क्षेत्र की पूरी नॉलेज हो. 

सोमवार, 11 मई 2020

क्या कंटेंट राइटिंग आपके लिए अच्छा कैरियर ऑप्शन है?

दोस्तों आजकल इंटरनेट का जमाना है. पूरी दुनिया में प्रतिदिन करोड़ों लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करके बहुत सारे काम करते हैं जैसे किसी वस्तु के बारे में ज्यादा ज्ञान प्राप्त करना, ऑनलाइन शॉपिंग करना, राशन का समान, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े खरीदना, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करना, इत्यादि. इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के कारण ही हर कंपनी अपना वेबसाइट, सोशल मीडिया पेज, ब्लॉग, इत्यादि बनवाना चाहती हैं. इन सभी कामों के लिए फ्रेश कंटेंट की जरूरत होती है. कंटेंट लिखने का काम कंटेंट राइटर लोग करते हैं. जैसे-जैसे ऑनलाइन मार्केटिंग का काम बढ़ रहा है,वैसे-वैसे अनुभवी कंटेंट राइटर की डिमांड बढ़ती जा रही है. बहुत सारे युवा पढ़ाई पूरी करने के बाद कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. क्या कंटेंट राइटिंग आपके लिए एक अच्छा कैरियर ऑप्शन है? आइए इसके बारे में विस्तार से बात करते हैं.

2011 से पहले इंटरनेट मार्केटिंग की दुनिया काफी सही थी. डिजिटल मार्केटिंग करने वाले लोग एक कंटेंट का उपयोग एक से अधिक साइटों पर करते थे और इससे उन साइटों की रैंकिंग भी अच्छी आती थी. इंटरनेट मार्केटिंग में बढ़ रहे गोरखधंधे को रोकने के लिए अमेरिकी सर्च इंजन गूगल ने एक के बाद एक अपडेट्स लाने शुरू कर दिया. गूगल अपडेट्स की वजह से चोरी का कंटेंट यूज करने वाले वेबसाइट की रैंकिंग डाउन हो गई और बहुत सारी कंपनियां बंद होने लगी. आजकल अगर आप अपनी साइट को गूगल में अच्छी रैंकिंग पर देखना चाहते हैं तो आपको बिल्कुल यूनिक कंटेंट यूज करने की जरूरत है. डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में कंटेंट के बढ़ते हुए मांग को पूरा करने के लिए ही हर कंपनी कंटेंट राइटर को हायर करती है. एक अच्छा कंटेंट राइटर कंपनी में हाई क्वालिटी कंटेंट सप्लाई करके अच्छे पैसे कमा सकते हैं. लेकिन क्या हाई क्वालिटी कंटेंट लिखना इतना आसान बात है? 

नहीं विभिन्न गूगल अपडेट्स के कारण अब कंटेंट राइटिंग करना आसान नहीं रह गया है. कंटेंट लिखते समय एकदम राइडर को बहुत सारे नियमों का ध्यान रखना पड़ता है. कंटेंट का लैंग्वेज सिंपल होना चाहिए. कंटेंट सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के सभी रूल को फॉलो करना चाहिए. आपके द्वारा लिखे गए कंटेंट में कोई भी ग्रामेटिकल मिस्टेक नहीं होना चाहिए. आजकल डिजिटल मार्केटिंग एक्सपोर्ट कंटेंट में डाटा, हाइपरलिंक, इमेज, इत्यादि  की डिमांड करते हैं. कंटेंट राइटर से यह अपेक्षा की जाती है कि वह कंटेंट लिखने के बाद उसे चेक करके ही डिजिटल मार्केटिंग एक्सपोर्ट को हैंड ओवर करेंगे. इसलिए एक अच्छी क्वालिटी का कंटेंट लिखने में काफी टाइम और ऊर्जा लगता है. 

कंटेंट राइटिंग के फायदे
  •  अच्छी आमदनी का स्रोत
एक अच्छा कंटेंट राइटर बनने के लिए उच्च शिक्षा की कोई जरूरत नहीं होती है. अगर आप किसी भाषा को अच्छी तरीके से बोल, पढ़ और लिख सकते हैं तो उस भाषा में आप कंटेंट आसानी से लिख सकते हैं. भारत के महानगरों में रहने वाले बहुत सारे स्टूडेंट अपनी पढ़ाई का खर्चा निकालने के लिए पार्ट टाइम फ्रीलांस कंटेंट लिखने का काम करते हैं. आजकल बहुत सारी कंपनियां फ्रीलांस कंटेंट राइटर को हायर करती है ताकि उन्हें कम दामों पर अच्छे कंटेंट मिल जाए. नए कंटेंट राइटर भी कम से कम 50 पैसे प्रति वर्ड्स की रेट से कंटेंट लिखने का काम करते हैं. अगर आपको अच्छे प्रोजेक्ट मिल जाए तो आप घर बैठे ही खर्चे लायक पैसा आसानी से कमा सकते हैं. अनुभवी कंटेंट राइटर अच्छा कंटेंट लिखने के लिए कम से कम एक या दो रुपए प्रति वर्ड का रेट चार्ज करते हैं. 
  •  नई सब्जेक्ट के बारे में सीखने का भरपूर मौका
आजकल कंपनियां ऐसे कंटेंट राइटर की तलाश में रहती है जिन्हें किसी भी विषय पर अच्छा कंटेंट लिखने में महारत हासिल हो. हम सभी जानते हैं कि एक इंसान बहुत सारी चीजों पर कमांड नहीं कर सकता. इसलिए जब किसी कंटेंट राइटर को ऐसे विषय के बारे में कंटेंट लिखने को बोला जाता है जिसके बारे में उसे बिल्कुल ही नॉलेज नहीं है तो उसे काफी पढ़ना पड़ता है. आजकल कोई भी कंपनी कॉपी पेस्ट जॉब नहीं चाहती है. 

वे चाहते हैं कि कंटेंट राइटर कोई भी कंटेंट लिखने के पहले उस सब्जेक्ट के बारे में रिसर्च और एनालिसिस करें और फिर उसे अपनी भाषा में लिखें. इस प्रक्रिया में एक कंटेंट राइटर को बहुत सारी साइटों पर किसी खास विषय के बारे में कंटेंट पढ़ना पड़ता है. अगर आप पढ़ने के शौकीन हैं तो कैंटीन राइटिंग का फील्ड आपके लिए काफी उत्तम है. इस फील्ड में प्रतिदिन आप नए सब्जेक्ट के बारे में पढ़ते हैं और उसके बारे में कंटेंट लिखकर डिजिटल मार्केटिंग एक्सपोर्ट को देते हैं. इसे अपने ज्ञान में काफी बढ़ोतरी होती है. 
  •  नौकरी की सुरक्षा
वैसे तो प्राइवेट क्षेत्र में किसी भी नौकरी के सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती हैं. आपकी नौकरी तभी तक सुरक्षित है जब तक आपका बॉस या सीनियर आपके परफॉर्मेंस से खुश है. अगर आप एक अनुभवी कंटेंट राइटर हैं तो कुछ हद तक कंपनी में आपकी जॉब सुरक्षित रहती है. इसका कारण यह है कि लगभग हर डिजिटल मार्केटिंग गतिविधियों के लिए फ्रेश कंटेंट की जरूरत होती है.

इसके उलट आप एक डिजिटल मार्केटिंग एक्सपोर्ट का प्रोफाइल देख ले. किसी भी डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट की जॉब तभी तक सुरक्षित रहता है जब तक वह कंपनी की साइट को गूगल पर प्रमोट करने में सफल रहता है और वहां से ट्रैफिक तथा बिजनेस अपॉर्चुनिटी को लाते रहता है. एक गूगल अपडेट जिसमें कंपनी का काफी नुकसान हुआ हो, कई डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञों की जॉब खा सकता है. 

इसलिए डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञों के ऊपर हर वक्त वेबसाइट की रैंकिंग बढ़ाने और बिजनेस लाने का दबाव होता है. अपनी टीम लीडर या सीनियर द्वारा हर वक्त प्रेशर डालने पर डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ बौखला जाते हैं और जॉब छोड़ देते हैं. कंटेंट राइटिंग में ऐसा कोई प्रेशर नहीं होता. बस आपको ज्यादा से ज्यादा कंटेंट लिखने के लिए बोला जाता है. एक अनुभवी कंटेंट राइटर एक दिन में कम से कम 3000 वर्ड आसानी से लिख सकता है. 

कंटेंट राइटिंग से नुकसान
  • बहुत सारे लोगों को राइटिंग बोरिंग जॉब लगता है
मैंने अपने कंटेंट राइटिंग कैरियर की शुरुआत 2011 में दिल्ली में की. शुरू शुरू में मैं इस काम से बिल्कुल अनजान था और यह काम काफी उबाऊ लगता था. मेरे साथ काम करने वाले गए कंटेंट राइटर इस फील्ड को छोड़कर दूसरे फील्ड मैं पहुंच चुके हैं. उनका कहना है कि कंटेंट राइटिंग एक बोरिंग जॉब है. कई बार आपको एक ही सब्जेक्ट पर एक से ज्यादा कंटेंट लिखने होते हैं. उस स्थिति में आपको कंटेंट राइटिंग की जॉब बोरिंग लग सकता है. 
  • हर वक्त कंप्यूटर और लैपटॉप से चिपके रहना
जैसा कि आपको पहले ही बताया जा चुका है कि हर डिजिटल मार्केटिंग एक्टिविटीज में यूनिक कंटेंट का उपयोग होता है. इसलिए हर कंटेंट राइटर चाहे वह नौसिखिया हो या अनुभवी उनके ऊपर ज्यादा से ज्यादा कंटेंट लिखने का दबाव होता है. फ्रेश कंटेंट की बढ़ती हुई मांग को पूरा करने के लिए कई बार कंटेंट राइटर को ओवरटाइम करना पड़ता है. लगातार ओवरटाइम करने से उनके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है और लॉन्ग टर्म में उनका परफॉर्मेंस कम होने लगता है. 

लेकिन कंपनियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्हें केवल ऐसे कंटेंट राइटर की जरूरत होती है जो हर दिन गधे की तरह 12 घंटा काम करते रहे. मैं अपने निजी अनुभवों से यह कह सकता हूं कि कंपनियां कंटेंट राइटर को छुट्टी देने में आनाकानी करती है जैसे वह कोई रोबोट हो और उनकी कोई पर्सनल लाइफ ना हो. आजकल कंपनियों में कंटेंट राइटर को तभी छुट्टी मिलती है जब वह घर से कंपनी का काम करने के लिए तैयार हो. इसके लिए उन्हें ज्यादा पैसों का लालच दिया जाता है. 
  •  कंटेंट राइटिंग शुरू करते ही आपके ऊपर पैसों की बारिश नहीं होने लगेगी
 एक अच्छे कंटेंट राइटर की मार्केट में हमेशा मांग होती है. लेकिन अगर आप यह सोचते हैं कि कंटेंट राइटिंग शुरू करते ही आपके ऊपर पैसों की बारिश होने लगी तो आपकी सोच गलत है. भारत में बहुत सारे क्लाइंट ऐसे हैं जो अच्छे कंटेंट के लिए अपनी जेब ढीली नहीं करना चाहते हैं. वे चाहते हैं कि उन्हें हाई क्वालिटी कंटेंट बिना किसी मेहनत के और पैसे खर्च किए ही मिल जाए. इसके लिए वे कंटेंट राइटर के साथ समय-समय पर धोखेबाजी करते रहते हैं.

मैं बहुत सारे ऐसे क्लाइंट के साथ काम कर चुका हूं जो कंटेंट तो ले लेते हैं लेकिन जब पैसे देने की बारी आती है तो आनाकानी करते हैं और धमकी का सहारा लेते हैं. मेरे साथ करीब 10 सालों से काम कर रहे एक क्लाइंट ने एक बार अपने लिखे कंटेंट के पैसे मांगने पर मुझे धमकाया और गालीगलौज की. इसलिए बहुत जरूरी है कि आप केवल ट्रस्टेड क्लाइंट के लिए ही काम करें. किसी भी क्लाइंट को कंटेंट सप्लाई करने के पहले यह जरूर सुनिश्चित करें कि वह क्लाइंट कंटेंट लेने के बाद पैसे का फुल पेमेंट कर देता है. मेरा निजी अनुभव यह कहता है कि इंडियन क्लाइंट पैसे देने में काफी आनाकानी करते हैं. 

  • डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ के साथ कंटेंट क्वालिटी के मुद्दे पर बार-बार बहस होना
आजकल ऑनलाइन मार्केटिंग में कंटेंट क्वालिटी एक प्रमुख मुद्दा है. गुड क्वालिटी कंटेंट यूज करने से किसी वेबसाइट की रैंकिंग बढ़ती है और बिजनेस अपॉर्चुनिटी ज्यादा मिलती हैं. इसके उलट अगर कंटेंट खराब क्वालिटी का है तो वह वेबसाइट की रैंकिंग गूगल सर्च में नीचे गिरती है और उस कंपनी को काफी नुकसान होता है. कंटेंट क्वालिटी के मुद्दे पर डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ और कंटेंट राइटर का ओपिनियन अलग अलग हो सकता है. 

कई बार डिफरेंस ऑफ़ ओपिनियन की वजह से कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ में टकराव की नौबत आती है और ऑफिस का वर्क कल्चर खराब होता है. मैं कई मामलों में यह देख चुका हूं कि अगर डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ किसी कंटेंट राइटर के काम से खुश नहीं है तो उसके ऊपर वह गलत इल्जाम लगाकर उसे नौकरी से निकलवा देता है. इसलिए किसी भी कंटेंट राइटर को संयमी होना चाहिए. अगर उसका कंटेंट किसी भी वजह से रिजेक्ट होता है तो उसे रिजेक्ट किए के कंटेंट को एडिट करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए. ऐसे कंटेंट एडिटिंग एक बहुत अच्छा गुण है जो सभी कंटेंट राइटर में होना चाहिए. 
  •  स्वास्थ्य का नुकसान
इन दिनों लगभग सभी कंटेंट राइटर पर अधिक से अधिक कंटेंट लिखने का दबाव होता है. इसलिए वह लगातार ओवरटाइम लगाते हैं और कंपनी के लिए घर से भी काम करते हैं. लगातार कंप्यूटर पर चिपके रहने से आपकी आंखों को नुकसान होता है और कमर दर्द भी शुरू हो जाता है. इसके लिए जरूरी है कि आप समय-समय पर कंटेंट राइटिंग वाले काम से छुट्टी लेकर अपने मनपसंद काम करें जैसे किसी प्रसिद्ध जगह घूमने जाना, मूवी देखना, दोस्तों के साथ घूमना, क्रिकेट खेलना, लोकप्रिय म्यूजिक सुनना, रिश्तेदारों से बात करना, इत्यादि. इससे आपका मूड फ्रेश बना रहता है और आप अपने काम को अच्छे तरीके से कर पाते हैं.
  • अंतिम निष्कर्ष
कंटेंट राइटिंग एक चुनौतीपूर्ण काम है. इस फील्ड में कैरियर बनाने के लिए आपके पास पढ़ने की क्षमता, संयम और किसी भी भाषा पर अच्छा कमांड होना चाहिए. एक बार इस फील्ड का अनुभव प्राप्त करने के बाद आप हाई क्वालिटी कंटेंट बेचकर अच्छे खासे पैसे कमा सकते हैं. इस प्रक्रिया में कम से कम दो-तीन साल लग जाते हैं. 

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गुरुवार, 7 मई 2020

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन 2020: वेबसाइट की रैंकिंग बढ़ाने और सर्विस/प्रोडक्ट बेचने के लिए कौन सी रणनीति उपयोगी है?

भारत मे सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन बहुत सारी कंपनियों और तकनीक के जानकारों के लिए आमदनी का अच्छा स्रोत है। आज के आधुनिक युग मे इंटरनेट पर इंसान की निर्भरता बढ़ती ही जा रही है। लोगो को कुछ भी जानकारी प्राप्त करनी हो, कोई जरूरी समान खरीदना हो, रेलवे/बस/हवाई जहाज की टिकट खरीदना हो, सभी लोग इंटरनेट का उपयोग करते है। लोग कभी भी और कही से भी इंटरनेट का उपयोग करके अपने काम आसानी से कर लेते है। इससे सूचना का प्रवाह तेज हुआ है और लोगो का जीवन काफी आरामदायक हो गया है।

इसी ट्रेंड को देखते हुए आजकल लगभग सभी कंपनियों ने अपनी वेबसाइट, ब्लॉग, सोशल मीडिया पेज, लैंडिंग पेज, इत्यादि बना रखा है। इन सब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के उपयोग करके वो अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेज की मार्केटिंग करते है, लोगो को अपने ब्रांड के बारे में जागरूक बनाते है, प्रचुर मात्रा में अपने सामान बेचते है और पैसा कमाते है। जिस कंपनी की ऑनलाइन मार्केटिंग जितना अच्छी होती है उसका मालिक उतने ही सफलतापूर्वक अपना प्रोडक्ट और सर्विस बेच पाता है। ये सब सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन द्वारा ही संभव है। आइये इसके बारे में विस्तार से चर्चा करें।

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन क्या है?

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन किसी भी ब्रांड/प्रोडक्ट/सर्विस को इंटरनेट पर प्रमोट करने की कला है। डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल विभिन्न युक्तियों का उपयोग करके वेबसाइट, ब्लॉग और सोशल मीडिया पेज को इंटरनेट पर प्रमोट करते है जिससे लोग आसानी से इसे सर्च इंजन रिजल्ट्स में इसे देख पाए। ऐसा होने पर वेबसाइट मालिक को ट्रैफिक (भावी ग्राहक जो उनका समान खरीदने की अभिलाषा रखता हो) मिलता है और प्रोडक्ट्स/ सर्विसेज बेचने में आसानी होती है। 

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन एक जटिल तकनीक है। इसमें समय-समय पर बदलाव होते रहता है। अमेरिकी सर्च इंजन गूगल द्वारा बनाये गए वेबसाइट ऑप्टिमाइजेशन नियम सभी इंटरनेट मार्केटिंग एक्सपर्ट्स को मानने होते है क्योंकि पूरी दुनिया मे लोग सबसे ज्यादा गूगल का ही उपयोग करते है। 2020 में ऑनलाइन बिज़नेस में सफलता प्राप्त करने के लिए लोगो को कौन से रणनीति का इस्तेमाल करना चाहिए? आइये जानते है।

  • नियमित रूप से वेबसाइट अपडेट करते रहे

वेबसाइट किसी भी ब्रांड, कंपनी या फर्म का आईना होता है। इसका डिज़ाइन, इमेज, इन्फॉर्मेशन प्रेजेंटेशन, कंटेंट, इत्यादि लोगो को आकर्षित करता है। एक अच्छी और मोबाइल रेस्पॉन्सिव वेबसाइट लोगो द्वारा पसंद की जाती है। इसलिए, आप ये सुनिश्चित करे कि आपकी वेबसाइट आकर्षक और अपडेटेड है। एक अच्छा और अनुभवी वेबसाइट निर्माता इस काम के लिए उपयुक्त होता है।

जब भी कोई इंसान इंटरनेट पर कुछ सर्च करता है तो गूगल या अन्य सर्च इंजन की यह कोशिश होती है कि ऑडियंस को उपयुक्त जानकारी देने वाली वेबसाइट या वेब पेज मिले। इसके लिए सर्च इंजन बहुत सारे पैरामीटर का उपयोग करते है जिसमे फ्रेश कंटेंट एक महत्वपूर्ण घटक है। जिस वेबसाइट में जितना फ्रेश और अपडेटेड कंटेंट होगा वो वेबसाइट सर्च इंजिन रिजल्ट में उतना ही ऊपर दिखता है। इसलिए आपको फ्रेश कंटेंट का उपयोग करके अपना वेबसाइट नियमित रूप से अपडेट करते रहना चाहिए। 

मैं एक कंटेंट राइटर हूँ। अपने करियर में मैंने कई सर्च इंजन ऑप्टिमाइजर के साथ काम किया है। बहुत सारे डिजिटल मार्कटिंग एक्सपर्ट्स की यह सोच होती है कि कंटेंट मॉडरेशन उनका काम नही है। कंटेंट की ऑडियंस के लिए उपयोगिता, लैंग्वेज और टोन, अद्वितीयता(uniqueness), व्याकरण की गलती, कीवर्ड प्लेसमेंट, इत्यादि चेक करना उनका काम नही है। वो इन सारी कामो का बोझ कंटेंट राइटर्स के कंधे पर डालते है। अगर किसी कंटेंट राइटर ने बिल्कुल फ्रेश और सही कंटेंट भी लिखा है तो उस कंटेंट तो चेक करना डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट्स का काम है। 

जो भी कंटेंट आपको मिलता है उसे अच्छे तरीके से चेक करें। यह सुनिश्चित करे कि कंटेंट गूगल के SEO नियम का पूर्णतः पालन करता हो। कंटेंट में ज्यादा त्रुटि होने पर इसे मॉडिफिकेशन के लिए कंटेंट राइटर के पास भेजे और जरूरी सुधार अपने देख-रेख में करवाये। 

अपने वेबसाइट को समय-समय पर फ्रेश कंटेंट से अपडेट करते रहे। वेबसाइट पर कंटेंट अपडेट करते समय टेक्निकल SEO का भी ध्यान रखे। कंटेंट URL को एडिट करके इसे सरल और आकर्षक बनाये। इसके टाइटल टैग का भी ध्यान रखे। कंटेंट में कीवर्ड समुचित मात्रा में होने चाहिए। 

इमेज के साथ ALT टैग का भी उपयोग करे। ये सारे काम करने के बाद कंटेंट को पब्लिश कर दे। अच्छा और उपयोगी कंटेंट आपको ट्रैफिक लाने और ब्रांड प्रमोशन में काफी मदद करता है। इसके लिए जरूरी है कंटेंट मजेदार हो। वेबसाइट ऑप्टिमाइजेशन के लिए कभी भी घटिया किस्म के कंटेंट का उपयोग न करे। इससे गूगल नाराज होकर आपके वेबसाइट की रैंकिंग गिरा सकता है या इसे अपने डाटाबेस से पूर्णतः मिटा सकता है। 

  • सोशल मीडिया ऑप्टिमाइजेशन

आजकल बड़ी संख्या में लोग कई सोशल मीडिया चैनल्स का उपयोग करते हैं। फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, पिंटरेस्ट, लिंकेडीन, व्हाट्सऐप, वीचैट, इत्यादि। इन प्लेटफार्मों पर बहुत सारे काम करते है-
  • फ़ोटो/वीडियो अपलोड करना,
  • उपयोगी पोस्ट शेयर करना,
  • लोगो से बातचीत करना,
  • पोस्ट लिखने,
  • अन्य लोगो की पोस्ट पर कमेंट करना।

बड़ी संख्या में दर्शकों की उपलब्धता के कारण विभिन्न सोशल मीडिया चैनल वेबसाइट ट्रैफिक और व्यापार के अवसरों का एक बड़ा स्रोत हैं। इसीलिए सभी प्रमुख सोशल मीडिया पर अपने ब्रांड के सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाएं। आप इस उद्देश्य के लिए अपने व्यक्तिगत सोशल मीडिया खातों का भी उपयोग कर सकते हैं। सुनिश्चित करें कि आपकी वेबसाइट में सोशल शेयरिंग बटन्स हो। 

जब भी आप वेबसाइट या ब्लॉग पर नई सामग्री अपलोड करते हैं, हमेशा उन्हें सभी प्रमुख सोशल मीडिया पर साझा करें। जहाँ तक संभव हो अपने अनुयायियों से उन्हें साझा करने के लिए कहें। जितना अधिक आपका पोस्ट साझा किया जाएगा उतना अधिक ट्रैफ़िक आपको मिलेगा. गूगल पर अच्छी रैंकिंग प्राप्त करने के लिए आपकी वेबसाइट या ब्लॉग का सोशल सिग्नल मजबूत होना चाहिए। 

  • अपनी वेबसाइट को वॉइस सर्च के लिए ऑप्टिमाइज करें

आजकल बहुत सारे लोग इंटरनेट पर अपनी मनपसंद चीजें सर्च करने के लिए वॉइस सर्च का इस्तेमाल करते हैं. बहुत सारे लोग सूचना सर्च करने के लिए टाइपिंग करना पसंद नहीं करते क्योंकि इसमें काफी समय नष्ट होता है. इसलिए वॉइस सर्च का इस्तेमाल दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहा है. इसलिए हर वेबसाइट मालिक को अपना वेबसाइट वॉइस सर्च के लिए अप्टिमाइज करवाना चाहिए.

किसी भी वेबसाइट को वॉइस सर्च के लिए ऑप्टिमाइज करने के लिए आम बोलचाल की भाषा में बोले जाने वाली शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए. फिलहाल पूरी दुनिया में लगभग 20% लोग वॉइस सर्च का इस्तेमाल करते हैं. आने वाले कुछ वर्षों में वॉइस सर्च इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या बहुत बढ़ने वाली हैं.आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि वॉइस सर्च का इस्तेमाल मुख्य रूप से मोबाइल डिवाइस में होता है.अगर आप अपनी साइट को वॉइस सर्च के लिए ऑप्टिमाइज करते हैं तो आपको मोबाइल प्लेटफॉर्म से काफी ट्रैफिक मिल सकता है

  • अपना ध्यान मोबाइल इंटरनेट उपभोक्ताओं पर केंद्रित करें

भारत सहित पूरी दुनिया में बहुत सारे लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग करते हैं. एक अनुमान के अनुसार पूरे विश्व में करीब 52.6% से ज्यादा लोग अपने मोबाइल डिवाइस पर इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं. आज की तेज रफ्तार वाली दुनिया में कोई भी इंसान इंटरनेट का इस्तेमाल करने के लिए डेस्कटॉप या लैपटॉप से चिपका हुआ नहीं रहना चाहता. मोबाइल डिवाइस हल्का और ultra-portable होता है. लोग इसे आसानी से कहीं भी ले जा सकते हैं और इस पर इंटरनेट का भी इस्तेमाल किसी भी अवस्था में कर सकते हैं.

इसलिए आप यह सुनिश्चित करें कि आपका वेबसाइट मोबाइल रेस्पॉन्सिव है. ऐसा होने पर ही कोई भी उपभोक्ता आपके वेबसाइट को आसानी से किसी भी मोबाइल डिवाइस में एक्सेस कर सकता है. इसलिए वेबसाइट को मोबाइल इंटरनेट उपभोक्ताओं के लिए भी ऑप्टिमाइज करें. वेबसाइट कंटेंट लेंथ को कम करें. कोशिश करें कि कम से कम शब्दों में अपने उपभोक्ताओं को ज्यादा से ज्यादा नॉलेज दे सकें. 

आप हमेशा यह ध्यान में लिखे कि मोबाइल डिवाइस की स्क्रीन पर स्पेस काफी कम होता है. कंटेंट लेंथ ज्यादा बड़ा होने पर मोबाइल इंटरनेट उपभोक्ता को बार-बार कॉन्टेंट स्क्रोल करना पड़ेगा. हो सकता है वह आपका कंटेंट बिना पढ़े ही वेबसाइट से चला जाए. अगर आप अपनी वेबसाइट को मोबाइल डिवाइस उपभोक्ताओं के लिए ऑप्टिमाइज करते हैं तो आपको काफी ट्रैफिक मिल सकता है.

  •  गेस्ट ब्लॉगिंग

आसान शब्दों में, गेस्ट ब्लॉगिंग वह प्रक्रिया है जिसमें एक वेबसाइट का मालिक दूसरे वेबसाइट पर अपना कंटेंट पब्लिश करवाता है ताकि उसे उस वेबसाइट की तरफ से बैकलिंक और रेफरल ट्रैफिक मिल सके. जब आप इंटरनेट मार्केटिंग की दुनिया में कदम रखते हैं तो आपको मार्केट में जमने में काफी टाइम लगता है. आपका सामना मार्केट के बड़े-बड़े खिलाड़ियों से होता है. 

गूगल टॉप 10 में अपनी वेबसाइट को प्रदर्शित करवाना आसान काम नहीं है. गेस्ट ब्लॉगिंग करने के अनेक फायदे हैं. अगर कोई प्रसिद्ध ब्रांड अपने वेबसाइट पर अपना कंटेंट पब्लिश करने के लिए राजी हो जाता है, तो इससे आपके ब्रांड को जरूरी एक्सपोजर मिलता है. आपको अपने वेबसाइट पर रेफरल ट्रैफिक के अलावा अपने सामान या सर्विस बेचने का भी मौका मिलता है. इसलिए गेस्ट ब्लॉगिंग अवश्य करें.

गेस्ट ब्लॉगिंग करने के लिए सबसे पहले आपको ऐसे वेबसाइट का चुनाव करना होता है जिसका पूरी दुनिया में नाम हो और उसका वर्क प्रोफाइल आपके कंपनी के ब्रांड से मैच करता हो. 

सबसे पहले आप ब्रांड, प्रोडक्ट या सर्विस को प्रमोट करने के लिए सही टाइटल का चुनाव करें और उसे वेबसाइट के मालिक को भेज दे. अगर वह आपके टाइटल से संबंधित कंटेंट अपने वेबसाइट पर पब्लिश करने की सहमति दे देता है तो एक प्रोफेशनल कंटेंट राइटर से उस टॉपिक पर अच्छा कंटेंट लिखवाए. कंटेंट मिल जाने पर आप उसको खुद से एडिट करके वेबसाइट ओनर को पब्लिकेशन के लिए भेज दें. अगर कोई अच्छी साइट आपके कंटेंट को पब्लिश करता है और आपकी साइट को बैकलिंक देता है तो इससे आपके ब्रांड को काफी फायदा होता है. 

  •  वीडियो मार्केटिंग

नई पीढ़ी के अधिकांश इंटरनेट यूज़र टेक्स्ट कंटेंट पढ़ना पसंद नहीं करते हैं.उन्हें यह काम उबाऊ लगता है. टेक्स्ट कंटेंट पढ़ने के बजाय वे उसी सब्जेक्ट पर अच्छा वीडियो देखना पसंद करते हैं. वीडियो कंटेंट देखकर किसी भी ब्रांड के प्रोडक्ट या सर्विस को समझने में आसानी होती है और इसमें ज्यादा दिमाग भी नहीं लगता है. इसलिए आप भी अपने ब्रांड को प्रमोट करने के लिए वीडियो मार्केटिंग का उपयोग करें.

सबसे पहले आप अपने कंपनी का ऑफिशियल यूट्यूब चैनल बनाएं. चैनल के प्रोफाइल में तमाम जरूरी जानकारी होनी चाहिए. इसके बाद आप अपने ब्रांड प्रोडक्ट या सर्विस को प्रमोट करने के लिए अच्छे वीडियो बनाएं. यह सुनिश्चित करें कि वीडियो में इंफॉर्मेशन प्रेजेंटेशन बहुत अच्छे तरीके से हुआ है. 

वीडियो की आवाज बिल्कुल स्पष्ट होनी चाहिए और इसमें विजुअल प्रेजेंटेशन भी होना चाहिए. वीडियो बन जाने के बाद आप इसे यूट्यूब या वीडियो शेयरिंग वेबसाइट पर अपलोड कर सकते हैं. वीडियो अपलोड करने के दौरान वीडियो सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के नियमों का हमेशा ध्यान रखें. 

अपलोड किए गए वीडियो का व्यूज बनाने के लिए हर संभव तरीके का उपयोग करें. अच्छी वीडियो को लोग हमेशा देखना पसंद करते हैं और इस पर कमेंट भी करते हैं. वीडियो को कंटेंट मार्केटिंग में भी उपयोग कर सकते हैं. 

  •  ईमेल मार्केटिंग

बहुत सारे सोशल मीडिया वेबसाइट्स और इंस्टेंट मैसेजिंग एप होने के बावजूद ईमेल की लोकप्रियता कम नहीं हुई है. आज भी बहुत सारे लोग लोकप्रिय ईमेल सर्विस का इस्तेमाल करते हैं. कॉर्पोरेट सेक्टर में ई-मेल का इस्तेमाल काफी बड़े पैमाने पर होता है. इसलिए बहुत सारे कंपनियां आज भी अपने ब्रांड को प्रमोट करने, नए कस्टमर प्राप्त करने और अपना प्रोडक्ट बेचने के लिए ईमेल मार्केटिंग का इस्तेमाल करती है. 

ईमेल मार्केटिंग स्टार्ट करना बहुत ही आसान काम है. सबसे पहले आप एक अच्छी ईमेल मार्केटिंग टूल का चुनाव करें. यह टूल आपको काम में काफी मदद करता है. उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचाने वाले और उनकी जानकारी बनाने वाले कंटेन का निर्माण करें. कंटेंट उपलब्ध हो जाने के बाद एक सही ईमेल टेंप्लेट का चुनाव करें और उसमें सूचनाओं को सही तरीके से भरे. 

आप यह सुनिश्चित करें कि आपका ईमेल स्पैम लिस्ट में नहीं आता हो. ईमेल मार्केटिंग करते समय आप कॉन्टिटी के बजाय क्वालिटी पर ध्यान दें. जरूर से ज्यादा ईमेल भेजने पर उपभोक्ता आपके ईमेल नोटिफिकेशन को ब्लॉक या अनसब्सक्राइब कर सकते हैं. इसलिए केवल जरूरी और उपयोगी ईमेल ही उपभोक्ताओं को भेजें. ईमेल मार्केटिंग कैंपेन लॉन्च करने में ज्यादा पैसा भी नहीं लगता और इसके काफी पॉजिटिव रिजल्ट्स भी आते हैं. यह वेबसाइट ट्रेफिक बनाने का एक उत्तम साधन है. 

  •  क्वेश्चन आंसर वेबसाइट का उपयोग करें

जब उपभोक्ताओं का एक बहुत बड़ा वर्ग आपके ब्रांड के साथ डील करता है तो उनके मन में आपके प्रोडक्ट, सर्विसेज और ब्रांड को लेकर बहुत सारे सवाल होते हैं. वे अपने सवालों का उत्तर प्राप्त करने के लिए कोशिश करते हैं लेकिन बहुत समय ऐसा होता है कि उन्हें अपने सवालों का जवाब नहीं मिल पाता है. इसलिए आपको क्वेश्चन आंसर की वेबसाइट पर एक्टिव रहना चाहिए.

क्वेश्चन आंसर वेबसाइट एक पब्लिक प्लेटफॉर्म होता है जिस पर यूजर आपके ब्रांड, प्रोडक्ट्स ओर सर्विसेज के बारे में सवाल करते हैं और आपको जवाब देना होता है. आप उनके सवालों का जवाब देकर अपने ब्रांड के लिए नए कस्टमर तैयार कर सकते हैं. Quora एक अत्यंत लोकप्रिय क्वेश्चन आंसर वेबसाइट है. आप की कोशिश यह होनी चाहिए कि आप वक्ताओं के सवालों का उत्तर दें और अधिक जानकारी के लिए उन्हें अपने वेबसाइट या वेब पेज पर विजिट करने के लिए बोले. इस प्रक्रिया में आपके वेबसाइट का ट्रैफिक भी काफी बढ़ जाता है आपको नए प्रोडक्ट्स ओर सर्विसेज बेचने का मौका मिलता है. अभी सुनिश्चित करें कि यूजर जो इंफॉर्मेशन खोज रहे हैं वह उसे मिल गया है. 

  • वेबसाइट को सभी प्रमुख सर्च इंजन के लिए ऑप्टिमाइज करें

पूरी दुनिया में गूगल का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है. इसलिए अधिकांश वेबसाइट ओनर अपने वेबसाइट को केवल गूगल के लिए ऑप्टिमाइज करते हैं. उनकी नजर में छोटे सर्च इंजन का कोई वैल्यू नहीं होता है. यह विचारधारा काफी गलत है.

गूगल एक बहुत बड़ा सर्च इंजन है और इसके पास काफी सारा डेटाबेस है. समय-समय पर यह सर्च इंजन अपने एल्गोरिदम को अपडेट करते रहता हैं जिससे इसके सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन नियम को ना मानने वाली बहुत सारी साइटें इसके डेटाबेस से गायब हो जाती है या उसकी रैंकिंग पर बुरा प्रभाव पड़ता है. कोई भी डिजिटल मार्केटिंग एक्सपोर्ट चाहे वह कितना भी टैलेंटेड क्यों ना हो वह हर वक्त किसी वेबसाइट की अच्छी रैंकिंग सुनिश्चित नहीं कर सकता. 

केवल एक गूगल अपडेट आपके अच्छे खासे ऑनलाइन बिजनेस को कम कर सकता है या हमेशा के लिए बंद करा सकता है. इसलिए अपने वेबसाइट को सभी सर्च प्रमुख सर्च इंजन के लिए ऑप्टिमाइज करें. गूगल के अलावे लोग Yahoo, Bing, Yandex, Baidu जैसे सर्च इंजन का भी उपयोग करते हैं. अगर आपका वेबसाइट गूगल के अलावा इन सर्च इंजन में भी अच्छी रैंकिंग में है तो आपको एडिशनल ट्रैफिक और बिजनेस अपॉर्चुनिटी मिल जाता है. अगर आपके बेसाइड की रैंकिंग गूगल अपडेट की वजह से डाउन है तो अन्य सर्च इंजन से आने वाला ट्रैफिक नुकसान की भरपाई कर देता है.

  •  सर्च इंजन मार्केटिंग

बहुत सारे लोग सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन और सर्च इंजन मार्केटिंग के बीच का अंतर नहीं समझ पाते. सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन मुख्य रूप से फ्री होता है. इसमें ज्यादा खर्च नहीं लगता है. सर्च इंजन मार्केटिंग में लोग अपने वेबसाइट, प्रोडक्ट या ब्रांड को प्रमोट करने के लिए एडवरटाइजमेंट देते हैं ताकि सर्च इंजन उनके ऐड को सर्च रिजल्ट में सबसे ऊपर दिखाएं. 

इस प्रक्रिया में काफी पैसा खर्च होता है. लेकिन इसका फायदा यह है कि आपको आसानी से वेबसाइट ट्रैफिक और बिजनेस अपॉर्चुनिटी मिल जाता है. आजकल पे पर क्लिक और सोशल मीडिया एडवरटाइजमेंट का उपयोग धड़ल्ले से होता है. अगर आपके पास पर्याप्त बजट है तो आप सर्च इंजन मार्केटिंग का उपयोग करके अच्छा खासा बिजनेस प्राप्त कर सकते हैं. 

  •  अपने कार्यों का ईमानदारी से मूल्यांकन करें

जब किसी वेबसाइट को ऑप्टिमाइज करते हैं और तुरंत रिजल्ट मिलने की उम्मीद रखते हैं तो नियमित तौर पर आपको अपने कार्यों का ईमानदारी से मूल्यांकन करना चाहिए. वेबसाइट ऑप्टिमाइज करने के बाद आपको यह देखना चाहिए कि आपका कौन सा कंटेंट सबसे ज्यादा परफॉर्म कर रहा है और कौन से कंटेंट का रिस्पांस अच्छा नहीं मिला और उसका क्या कारण था. इस काम के लिए आप किसी भी वेबसाइट एनालिटिक्स टूल का इस्तेमाल कर सकते हैं. कोई भी गलती मिलने पर उसे सुधारने का प्रयत्न करें और नई चीजें सीखने का भी प्रयास करते रहे.

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